नहीं होता मुसलमानों के साथ भेदभाव : शाहरुख

रविवार, 2 अगस्त 2009

मुंबई की एक सोसायटी में मुसलमान होने के कारण मकान न मिलने का आरोप लगाने के बाद इमरान हाशमी अलग-थलग पड़ गए हैं। इंडस्ट्री के ही अन्य मुस्लिम कलाकार उन्हें गलत ठहरा रहे हैं। सलमान खान, आमिर खान और रजा मुराद के बाद शाहरुख खान ने भी धर्म के आधार पर किसी भेदभाव से इनकार किया है।
एक कार्यक्रम के सिलसिले में शनिवार को दिल्ली आए शाहरुख खान पहले तो इस मुद्दे पर जवाब देने से बचते रहे, लेकिन बार-बार यह सवाल उठने पर उन्होंने कहा, 'मैं धर्मनिरपेक्षता का जीता-जागता उदाहरण हूं। मेरे माता-पिता मुस्लिम थे और पत्नी हिंदू हैं। दूसरे धर्म में शादी करने के बावजूद मुझ पर कभी उंगली नहीं उठाई गई। मेरे धर्म गुरुओं ने मुझे कभी नहीं बताया कि ऐसा करने पर मुस्लिम धर्म में मेरी क्या जगह है? यह मुद्दा मुझे कभी परेशान नहीं करता। चाहे दिल्ली में बिताया गया वक्त हो या इंडस्ट्री में गुजारे 20 साल, मैंने धर्म के कारण भेदभाव कभी नहीं झेला।'

शाहरुख का मानना है कि अगर कहीं ऐसी इक्का-दुक्का घटना होती भी है, तो उसे मीडिया में तूल नहीं देना चाहिए। इससे अन्य देशों में भारत की छवि खराब होती है और वे भारत को बंटा हुआ देखते हैं, जबकि हकीकत इसके उलट है।
उधर, मीडिया ने शाहरुख की आईपीएल की टीस भी उभार दी। उन्होंने साफ कहा कि बीते आईपीएल में उनकी टीम ने उन्हें बहुत रुलाया। वह पहले ही चोट से परेशान थे, उस पर टीम के प्रदर्शन से भी उन्हें मायूसी हुई। अब वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, इसलिए अगले आईपीएल की तैयारी में जुट गए हैं। 4 से 15 अगस्त तक वह सौरभ गांगुली और अन्य लोगों के साथ मीटिंग करेंगे, जिनमें कोच और कप्तान के चुनाव जैसे कई अहम फैसले लिए जाएंगे। किंग ने कहा, 'इंशाअल्लाह! इस बार जरूर जीतेंगे।'
शाहरुख ने लंदन में घर खरीदने की चर्चाओं को भी गलत ठहरा दिया। उन्होंने बताया कि उनके पास सिर्फ मुंबई में ही एक घर है। उन्होंने इस अफवाह को मीडिया का किया-धरा बताते हुए तंज भी कसा कि कल की ब्रेक्रिंग न्यूज होगी- 'चांद पर खरीदा शाहरुख ने घर।'

0 टिप्पणी:

एक टिप्पणी भेजें