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वर्ल्ड कपः 1 रिकॉर्ड, 2 शतक, 18 विकेट, 676 रन, फिर भी टाई

सोमवार, 28 फ़रवरी 2011


बेंगलूरु. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गया बेहद ही रोमांचक मुकाबला टाई हो गया। भारत के 338 रन का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम अपने कोटे के 50 ओवर में 8 विकेट पर 338 रन ही बना सकी।

मैच के आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 14 रन की जरूरत थी। लेकिन वह 13 रन ही बना सका। यह वर्ल्ड कप इतिहास में चौथा मौका है जब कोई मुकाबला टाई हो गया।

339 रन के लक्ष्य के जवाब में एंड्रयू स्ट्रॉस के 145 गेंदों में 158 रन की कप्तानी पारी खेली जिसके बूते वे टार्गेट इतने करीब आ सके। इसके अलावा उन्होंने इयान बेल के साथ तीसरे विकेट के लिए 170 रन की साझेदारी करके मैच का रुख ही बदल डाला। एक समय जीत की ओर की अग्रसर इंग्लैंड टीम की बल्लेबाजी अचानक ही लड़खड़ा गई लेकिन पुछल्ले बल्लेबाजों की सूझबूझ भरी बैटिंग के बूते किसी तरह से मैच टाई कराने में कामयाब रही।

क्रिकेट है अनिश्चिताओं का खेल 

भारत ने जब पहले बल्लेबाजी कर 339 रन का लक्ष्य रखा तो उसका जीतना तय माना जा रहा था। लेकिन इंग्लैंड ने अपने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के बूते मैच पर पकड़ मजबूत कर दी। इंग्लिश टीम धीरे-धीरे जीत की अग्रसर हो रही थी लेकिन गेंदबाजों ने टीम इंडिया की मैच में वापसी कराई। जब इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाज मैदान पर थे भारत का जीतना तय लग रहा था। लेकिन नतीजा सबके सामने है।
     
बैटिंग पावर प्ले में जहीर का जलवा

इंग्लैंड ने पारी के 43 वें ओवर में बैटिंग पावर प्ले लेने का फैसला किया, इस वक्त टीम का स्कोर 2 विकेट पर 280 रन था। क्रीज पर कप्तान स्ट्रॉस और बेल जमे हुए थे। लेकिन जहीर खान ने इस ओवर में अंग्रेजों को लगातार दो झटके देकर मैच में भारत की वापसी करा दी। इंग्लैंड ने बैटिंग पावर प्ले में 4 विकेट खोकर मात्र 25 रन बनाए। इनमें से तीन विकेट जहीर को मिला और 1 विकेट हासिल किया।

भारतीय पारी   

एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए अहम मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड के सामने 339 रन का लक्ष्य रखा। सचिन के शतकीय पारी के बूते भारत ने 49.5 ओवर में 338 रन बनाए।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने विस्फोटक शुरुआत दी। हालांकि मैच के पहले ही ओवर में सहवाग ने इंग्लिंश फिल्डरों को मौके जरूर दिए पर उतनी ही तेजी से रन बटोरे। टीम इंडिया को पहला झटका टिम ब्रेसनन ने दिया। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग को 35 रन के निजी स्कोर पर मैट प्रायर के हाथों कैच आउट कराया।

सचिन का एक और मास्टर क्लास

सचिन तेंडुलकर ने इंग्लैंड के खिलाफ 115 गेंदों में 120 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 5 छक्के जड़े। उन्होंने अपना शतक मात्र 103 गेंदों में पूरा किया। यह उनके वनडे करियर 47वां शतक है। इस पारी के बाद वे शतकों के महाशतक से मात्र 2 शतक दूर हैं। मास्टर ब्लास्टर ने अपना शतक टिम ब्रेसनन की गेंद पर पूरा किया। उन्होंने फाइन लेग से चौका निकालकर पूरे भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के दिल की मंशा पूरी कर दी।  इसके साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपना रिकॉर्ड पांचवा शतक भी बना लिया। वहीं तेंडुलकर ने 66 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था।

सचिन का विकेट जेम्स एंडरसन की गेंद पर आउट हुए। उन्होंने तेंडुलकर को माइकल यार्डी के हाथों कैच आउट कराया।

सचिन और गंभीर की शतकीय साझेदारी
46 रन के स्कोर पर पहला विकेट गिर जाने के बाद सचिन तेंडुलकर ने गौतम गंभीर के साथ मिलकर पारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 131 गेंद पर 134 रन बनाए। पार्टनरशिप की शुरुआत में दोनों बल्लेबाजों ने सिंग्ल-डबल से रन बटोरे। पर जैसे ही वे क्रीज पर टिके उन्होंने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। खासकर इस दौरान सचिन ने अंग्रेज गेंदबाजों की जमकर खबर ली। 

युवराज सिंह और गंभीर की अर्धशतकीय पारी

सचिन के अलावा युवराज सिंह और गौतम गंभीर ने भी बल्ले से अपना कमाल दिखाया। गंभीर ने 61 गेंदों में 51 रन की उपयोगी पारी खेली। वहीं युवराज सिंह ने फॉर्म में वापसी करते हुए 50 गेंदों में 58 रन की आक्रामक पारी खेली।
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले एक हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

मैच के लिए टीम कुछ इस प्रकार थी-

भारत : महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंद्र सहवाग, पीयूष चावला, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, जहीर खान, विराट कोहली, मुनाफ पटेल, यूसुफ पठान, सचिन तेंडुलकर और युवराज सिंह।

इंग्लैंड : एंड्रयू स्ट्रॉस, जेम्स एंडरसन, इयान बेल, टिम ब्रेस्नन, पॉल कोलिंगवुड, केविन पीटरसन, मैट प्रायर, अजमल शहजाद, ग्रीम स्वान, जोनाथन ट्रॉट, माइकल यार्डी।

रोमांचक जंग में पाक ने श्रीलंका को हराया

रविवार, 27 फ़रवरी 2011

रोमांचक जंग में पाक ने श्रीलंका को हराया

मिसबाह उल हक [नाबाद 83] और अनुभवी यूनुस खान [72] के विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद कप्तान शाहिद अफरीदी [34/4] की एक और कसी हुई गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के रोमांचक 10वें मुकाबले में ग्रुप-ए में मेजबान श्रीलंका को 11 रनों से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।

शनिवार, 26 फ़रवरी 2011

श्रीलंका को 278 रनों का लक्ष्य - विश्व कप के एक मैच में पाकिस्तान ने श्� http://ht.ly/1bw5Qy

बांग्लादेश में वुवुज़ेला का शोर - विश्व कप क्रिकेट में बांग्लादेश के क्� http://ht.ly/1bw1vE

'आईसीसी के साथ टकराव नहीं'

रविवार, 2 अगस्त 2009

बीसीसीआई की मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा है कि वाडा के मुद्दे पर बोर्ड का आईसीसी के साथ कोई टकराव नहीं है. http://digg.com/u19q9c

बीसीसीआई का नियमों को मानने से इनकार

बीसीसीआई ने अपने खिलाडि़यों का साथ देते हुए विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) के नियमों को मानने से इनकार कर दिया है. http://digg.com/u19poP

कढ़ी-पकौड़ी बनाने वाली लड़की से शादी करूंगा: युवी

युवराज सिंह शादी के लिए तैयार हो गए हैं, लेकिन उन्हें जरूरत है एक ऐसी कुड़ी की जो लंबी, छरहरी और खूबसूरत हो। यही नहीं उसे कढ़ी-चावल बनाना भी आता हो और वह भी पंजाबी स्टाइल में। मालूम हो कि पंजाबी स्टाइल के कढ़ी-चावल में पकौड़ी डाली जाती है और प्याज का तड़का लगाया जाता है। युवराज सिंह ने शनिवार को दिल्ली के खचाखच भरे एक मॉल में अपने फैन्स से मुखातिब होते हुए मजाकिया लहजे में अपनी होनेवाली बीवी की यह तस्वीर पेश की।
क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम से निजात पाकर अमेरिका में छुट्टियां बिताने के बाद स्वदेश लौटे युवराज सिंह शनिवार को मस्ती के मूड दिखे। उन्होंने अपने फैन्स के सवालों के खुलकर जवाब दिए। युवराज से जब उनकी शादी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मुझे एक अच्छी लड़की की तलाश है। आप लोग ही एक अच्छी लड़की ढूंढ दो मैं शादी कर लूंगा।'
इसके बाद वह लड़की के गुण बताने से भी नहीं चूके। उन्होंने साफ किया कि उन्हें पंजाबी कढ़ी-चावल बहुत पसंद है। युवराज ने कहा, 'मुझे ऐसी लड़की चाहिए जिसे कढ़ी-चावल बनाना आता हो, वह भी पंजाबी स्टाइल का। आपको पता ही है कि उसमें पकौड़ी डाली जाती है और प्याज का तड़का लगाया जाता है।' उन्होंने काजोल को अपनी पसंदीदा हीरोइन और न्यू ज़ीलैंड के क्वीन्सटाउन को छुट्टियों के लिए पसंदीदा जगह बताया।

श्रीलंका की लगातार दूसरी जीत

शनिवार, 1 अगस्त 2009

दम्बुला में हुए दूसरे एक दिवसीय मैच में भी श्रीलंका ने पाकिस्तान को हरा दिया है. श्रीलंका ने छह विकेट से जीत हासिल की. http://digg.com/u19o0V

श्रीलंका की लगातार दूसरी जीत

दम्बुला में हुए दूसरे एक दिवसीय मैच में भी श्रीलंका ने पाकिस्तान को हरा दिया है. श्रीलंका ने छह विकेट से जीत हासिल की. http://digg.com/u19o0V

डोपिंग से बचना बहुत ज़रूरी

अगर क्रिकेट की छवि साफ़ बनाए रखनी है तो डोपिंग पर वाडा के नियमों को मानना ही होगा.
http://digg.com/u19naX

सचिन के और क़रीब पहुँचे पोंटिंग

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग टेस्ट मैचों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में तीसरे नंबर पर पहुँच गए हैं. http://digg.com/u19lxR

भज्जी ने किया 'दूसरा' का बचाव

शुक्रवार, 31 जुलाई 2009

ऑस्ट्रेलिया में 'दूसरा' के खिलाफ उठी चर्चाओं के बीच स्टार भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने गुरुवार को इस बॉल का बचाव किया, क्योंकि इसकी वजह से ही उन्होंने काफी विकेट अपने नाम किए हैं। ब्रिसबेन में पिछले हफ्ते हुए सम्मेलन में शेन वॉर्न, स्टुअर्ट मैकगिल और एशले मैलेट जैसे पूर्व स्पिनरों ने दाएं हाथ के बॉलर से दूर जाती गेंद को खत्म करने की बात की थी। हरभजन ने कहा कि 'दूसरा' ऑफ स्पिनर का सबसे अहम हथियार होता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, 'यह शायद ऑस्ट्रेलिया का नजरिया हो और मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। भारत समेत क्रिकेट खेलने वाले बाकी सभी देशों में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी बॉलिंग में विविधता लाना चाहता है और मुझे लगता है कि युवाओं को इसे सीखना चाहिए।'
दाएं हाथ के बैटिंग से दूर जाती रहस्यमयी बॉलिंग में सिर्फ हरभजन और मुथैया मुरलीधरन माहिर हैं। पाकिस्तान के ऑलराउंडर शोएब मलिक और साउथ अफ्रीका के जोहा बोथा भी फेंकते हैं। दिलचस्प बात है कि इन चारों का उनके करियर में कभी न कभी एक्शन संदिग्ध पाया गया।
पिछले महीने हुए स्पिन सम्मेलन की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट खिलाड़ी मैलेट ने कहा कि चकिंग के बिना नहीं फेंका जा सकता। वॉर्न और उनके गुरु टेरी जेनर के अलावा मैकगिल और मैलेट का मानना था कि ऑस्ट्रेलिया में किसी भी क्रिकेट अकैडमी में इसे नहीं सिखाया जाना चाहिए।
राहुल द्रविड़ के चैंपियंस ट्रॉफी की भारतीय वन डे टीम में वापसी के बारे में पूछे जाने पर हरभजन ने कहा कि इससे टीम का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा, 'सचिन तेंडुलकर, राहुल और अनिल कुंबले जैसे अनुभवी खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट में खेलते हैं तो वे अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं और अन्य खिलाड़ी भी उनके जैसा ही अच्छा प्रदर्शन करने को प्रेरित होते हैं।'
हरभजन ने कहा कि उन्होंने और कुंबले की जोड़ी काफी बढ़िया बन गई थी, अब अमित मिश्रा के रूप में उन्हें के अंदर कुंबले की कमी पूरी करने का माद्दा है, जो टेस्ट टीम में जगह पक्की करने के लिए बेहतरीन दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुंबले के बाद अमित मिश्रा के अंदर क्षमता है। पिछले कुछ मैचों में जिस तरह से मिश्रा ने प्रदर्शन किया, उससे लगता है कि वह लंबे समय तक भारत के लिए खेलेंगे।'

धोनी की रणनीतियों पर उठ रहें हैं सवाल

कुछ समय पहले तक कैप्टन कूल रहे महेंद्र सिंह धोनी अब इंग्लैंड के हाथों हार के बाद ट्वेंटी20 विश्व कप से टीम इंडिया के बाहर होने के कारण आलोचकों का कोपभाजन बन गए हैं और कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी रणनीति पर सवाल उठाये हैं.
टास जीतकर पहले गेंदबाजी और रविंदर जडेजा को युवराज सिंह से पहले चौथे नंबर पर भेजने के फैसले क्रिकेट पंडितों को रास नहीं आये हैं. महान स्पिनर ईरापल्ली प्रसन्ना ने कहा कि जडेजा की तुलना में तो हरभजन सिंह भी चौथे नंबर के लिये अच्छा विकल्प हो सकते थे.
गेंदबाजी नहीं बल्‍लेबाजी चुननी चाहिए थी
उन्होंने कहा इतने महत्वपूर्ण मैच में धोनी को टास जीतकर गेंदबाजी नहीं चुननी चाहिये थी. हमारा बल्लेबाजी क्रम भी सही नहीं था. जडेजा को युवराज और धोनी से पहले भेजना भी गलती थी. उस क्रम पर तो जडेजा की बजाय हरभजन सिंह भी बेहतर होते.
पूर्व विकेटकीपर सैयद किरमानी ने कहा कि भारत के पास वीरेंद्र सहवाग का कोई विकल्प नहीं था जो कंधे की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे. उन्होंने कहा प्रतिभा होने के साथ खिताब के प्रबल दावेदार होने के बावजूद यह इसलिये हुआ क्योंकि समय पर हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. सहवाग की कमी भी खली.
रविंदर जडेजा रहे कमजोर कड़ी
किरमानी ने कहा इस प्रारूप में सलामी जोड़ी को अच्छा खेलना चाहिये था लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इसके अलावा जडेजा और गौतम गंभीर की बल्लेबाजी के दौरान रनगति धीमी पड़ गई थी. पूर्व क्रिकेटर अरूण लाल ने भी धोनी की कप्तानी पर सवाल उठाते हुए कहा जडेजा को ऊपर भेजना अति आत्मविश्वास और रक्षात्मक रणनीति का परिचायक था.
पूर्व खिलाड़ी वी बी चंद्रशेखर ने कहा कि जडेजा को टीम में ही नहीं होना चाहिये था. उन्होंने कहा पहले क्षेत्ररक्षण का धोनी का फैसला ही गलत था. रविंदर जडेजा के प्रज्ञान ओझा की जगह चुनना भी गलती थी. हरभजन सिंह भी सर्वश्रेष्ठ फार्म में नहीं थे.
उन्होंने यह भी कहा जडेजा को युवराज से पहले भेजना भी गलती थी क्योंकि वह टूर्नामेंट में अभी तक खेला नहीं था. हम युवराज पर भी जरूरत से ज्यादा निर्भर थे. वैसे यदि युवराज नहीं चलता तो हम टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो गए होते.
रणनीति थोड़ी गलत साबित हुई
भारत को 1983 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल देव ने हालांकि इस हार पर प्रतिक्रिया से इंकार कर दिया. उनकी मां का कुछ दिन पहले ही निधन हुआ है. पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने कहा 154 रन का लक्ष्य मुश्किल नहीं था. वैसे पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला गलत नहीं था. मैं भी वैसा ही करता. मुझे लगता है कि हमारी रणनीति गलत साबित हुई.
पूर्व चयनकर्ता चंदू बोर्डे ने धोनी पर हार का ठीकरा फोड़ने से इंकार किया. उन्होंने कहा टी20 क्रिकेट अप्रत्याशित प्रारूप है. हमारी टीम सर्वश्रेष्ठ लग रही थी लेकिन चल नहीं सकी. इशांत महंगे साबित हुए. हमने इंग्लैंड को 153 रन पर रोक दिया लेकिन समस्या यह है कि हमारी टीम में कई स्ट्रोक प्लेयर भरे पड़े है.
उन्होंने कहा हमारे पास ऐसे खिलाड़ी नहीं थे जो विकेट गिरने पर एक मोर्चा संभाल सके. धोनी युवा और बुद्धिमान कप्तान है लेकिन यह एक बुरा दिन था जिसमें उसकी रणनीति से अपेक्षित परिणाम नहीं निकल सके.

पढ़ाई में अपने साथियों से पीछे छूटे धोनी

पढ़ाई के मैदान में धोनी अपने साथियों से पीछे छूट गए हैं. रांची के सेंट जेवियर कॉलेज में बी कॉम की पढ़ाई कर रहे धोनी के सारे साथी पार्ट टू में चले गए हैं, लेकिन इम्तहान ना देने की वजह से कॉलेज ने धोनी को पार्ट टू में प्रमोट करने से इनकार कर दिया है.
क्रिकेट के मैदान में अपने हुनर से महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया में प्रमोशन पाते-पाते कप्तानी तक पहुंच गए, लेकिन पढ़ाई के मैदान में क्रिकेट का ये महारथी कॉलेज के अपने साथियों से पीछे छूट गया है. धोनी ने जब पिछले साल रांची के मशहूर सेंट जेवियर कॉलेज में दाखिला लिया था तो क्रिकेट में उनकी व्यस्तता को देखते हुए क्लास ना करने की खास छूट दी गई थी. उनके लिए अलग से परीक्षा का भी इंतजाम रखा गया था.
लेकिन, टीम इंडिया के साथ धोनी इतने व्यस्त रहे कि परीक्षा देने की सुध ही ना रही. ऐसे में कॉलेज ने पार्ट वन की परीक्षा बगैर पास किए अगले क्लॉस में प्रमोट करने से इनकार कर दिया है. बहरहाल व्यस्त क्रिकेट सीजन के बाद टीम इंडिया इस समय छुट्टी पर है. करीब दो महीने तक धोनी को कोई मैच नहीं खेलना है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वो कॉलेज की पढ़ाई फिर से शुरू करते हैं या कॉपी किताब को ठंडे बस्ते में ही रहने देते हैं.

चैम्पियंस लीग: कार्यक्रम तय

विश्व भर में ट्वेन्टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता के बाद पहले ट्वेन्टी-20 चैम्पियंस लीग का भारत में आयोजन हो रहा है. http://digg.com/u19i9s

फ़ेल्प्स को हरा बीडरमैन ने रिकॉर्ड बनाया

जर्मनी के पॉल बीडरमैन ने पुरुष वर्ग में 200 मीटर फ़्रीस्टाइल तैराकी प्रतियोगिता में माइकल फ़ेल्प्स को हराकर स्वर्ण जीता है. http://digg.com/u19ieh

विजेंदर, सुशील और मेरी कॉम को खेल रत्न

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार इस बार तीन खिलाड़ियों को दिया गया है. इसमें विजेंदर सिंह, सुशील कुमार और मेरी कॉम शामिल हैं. http://digg.com/u19i9z

चैंपियंस लीग: कार्यक्रम तय

विश्व भर में टूवेंटी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता के बाद पहले टूवेंटी-20 चैंपियंस लीग का भारत में आयोजन हो रहा है. http://digg.com/u19i9s

शूमाकर की फ़ॉर्मूला वन में वापसी

माइकल शूमाकर फ़ॉर्मूल वन रेसिंग में वापसी करेंगे. वे मासा की जगह लेंगे जो बुरी तरह से घायल हैं. http://digg.com/u19hey