बेंगलूरु. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंग्लैंड और भारत के बीच खेले गया बेहद ही रोमांचक मुकाबला टाई हो गया। भारत के 338 रन का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम अपने कोटे के 50 ओवर में 8 विकेट पर 338 रन ही बना सकी।
मैच के आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 14 रन की जरूरत थी। लेकिन वह 13 रन ही बना सका। यह वर्ल्ड कप इतिहास में चौथा मौका है जब कोई मुकाबला टाई हो गया।
339 रन के लक्ष्य के जवाब में एंड्रयू स्ट्रॉस के 145 गेंदों में 158 रन की कप्तानी पारी खेली जिसके बूते वे टार्गेट इतने करीब आ सके। इसके अलावा उन्होंने इयान बेल के साथ तीसरे विकेट के लिए 170 रन की साझेदारी करके मैच का रुख ही बदल डाला। एक समय जीत की ओर की अग्रसर इंग्लैंड टीम की बल्लेबाजी अचानक ही लड़खड़ा गई लेकिन पुछल्ले बल्लेबाजों की सूझबूझ भरी बैटिंग के बूते किसी तरह से मैच टाई कराने में कामयाब रही।
क्रिकेट है अनिश्चिताओं का खेल
भारत ने जब पहले बल्लेबाजी कर 339 रन का लक्ष्य रखा तो उसका जीतना तय माना जा रहा था। लेकिन इंग्लैंड ने अपने टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के बूते मैच पर पकड़ मजबूत कर दी। इंग्लिश टीम धीरे-धीरे जीत की अग्रसर हो रही थी लेकिन गेंदबाजों ने टीम इंडिया की मैच में वापसी कराई। जब इंग्लैंड के पुछल्ले बल्लेबाज मैदान पर थे भारत का जीतना तय लग रहा था। लेकिन नतीजा सबके सामने है।
बैटिंग पावर प्ले में जहीर का जलवा
इंग्लैंड ने पारी के 43 वें ओवर में बैटिंग पावर प्ले लेने का फैसला किया, इस वक्त टीम का स्कोर 2 विकेट पर 280 रन था। क्रीज पर कप्तान स्ट्रॉस और बेल जमे हुए थे। लेकिन जहीर खान ने इस ओवर में अंग्रेजों को लगातार दो झटके देकर मैच में भारत की वापसी करा दी। इंग्लैंड ने बैटिंग पावर प्ले में 4 विकेट खोकर मात्र 25 रन बनाए। इनमें से तीन विकेट जहीर को मिला और 1 विकेट हासिल किया।
भारतीय पारी
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए अहम मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड के सामने 339 रन का लक्ष्य रखा। सचिन के शतकीय पारी के बूते भारत ने 49.5 ओवर में 338 रन बनाए।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने विस्फोटक शुरुआत दी। हालांकि मैच के पहले ही ओवर में सहवाग ने इंग्लिंश फिल्डरों को मौके जरूर दिए पर उतनी ही तेजी से रन बटोरे। टीम इंडिया को पहला झटका टिम ब्रेसनन ने दिया। उन्होंने वीरेंद्र सहवाग को 35 रन के निजी स्कोर पर मैट प्रायर के हाथों कैच आउट कराया।
सचिन का एक और मास्टर क्लास
सचिन तेंडुलकर ने इंग्लैंड के खिलाफ 115 गेंदों में 120 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 5 छक्के जड़े। उन्होंने अपना शतक मात्र 103 गेंदों में पूरा किया। यह उनके वनडे करियर 47वां शतक है। इस पारी के बाद वे शतकों के महाशतक से मात्र 2 शतक दूर हैं। मास्टर ब्लास्टर ने अपना शतक टिम ब्रेसनन की गेंद पर पूरा किया। उन्होंने फाइन लेग से चौका निकालकर पूरे भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के दिल की मंशा पूरी कर दी। इसके साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपना रिकॉर्ड पांचवा शतक भी बना लिया। वहीं तेंडुलकर ने 66 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था।
सचिन का विकेट जेम्स एंडरसन की गेंद पर आउट हुए। उन्होंने तेंडुलकर को माइकल यार्डी के हाथों कैच आउट कराया।
सचिन और गंभीर की शतकीय साझेदारी
46 रन के स्कोर पर पहला विकेट गिर जाने के बाद सचिन तेंडुलकर ने गौतम गंभीर के साथ मिलकर पारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 131 गेंद पर 134 रन बनाए। पार्टनरशिप की शुरुआत में दोनों बल्लेबाजों ने सिंग्ल-डबल से रन बटोरे। पर जैसे ही वे क्रीज पर टिके उन्होंने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। खासकर इस दौरान सचिन ने अंग्रेज गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
युवराज सिंह और गंभीर की अर्धशतकीय पारी
सचिन के अलावा युवराज सिंह और गौतम गंभीर ने भी बल्ले से अपना कमाल दिखाया। गंभीर ने 61 गेंदों में 51 रन की उपयोगी पारी खेली। वहीं युवराज सिंह ने फॉर्म में वापसी करते हुए 50 गेंदों में 58 रन की आक्रामक पारी खेली।
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले एक हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
मैच के लिए टीम कुछ इस प्रकार थी-
भारत : महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंद्र सहवाग, पीयूष चावला, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, जहीर खान, विराट कोहली, मुनाफ पटेल, यूसुफ पठान, सचिन तेंडुलकर और युवराज सिंह।
इंग्लैंड : एंड्रयू स्ट्रॉस, जेम्स एंडरसन, इयान बेल, टिम ब्रेस्नन, पॉल कोलिंगवुड, केविन पीटरसन, मैट प्रायर, अजमल शहजाद, ग्रीम स्वान, जोनाथन ट्रॉट, माइकल यार्डी।