भज्जी ने किया 'दूसरा' का बचाव

शुक्रवार, 31 जुलाई 2009

ऑस्ट्रेलिया में 'दूसरा' के खिलाफ उठी चर्चाओं के बीच स्टार भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने गुरुवार को इस बॉल का बचाव किया, क्योंकि इसकी वजह से ही उन्होंने काफी विकेट अपने नाम किए हैं। ब्रिसबेन में पिछले हफ्ते हुए सम्मेलन में शेन वॉर्न, स्टुअर्ट मैकगिल और एशले मैलेट जैसे पूर्व स्पिनरों ने दाएं हाथ के बॉलर से दूर जाती गेंद को खत्म करने की बात की थी। हरभजन ने कहा कि 'दूसरा' ऑफ स्पिनर का सबसे अहम हथियार होता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, 'यह शायद ऑस्ट्रेलिया का नजरिया हो और मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। भारत समेत क्रिकेट खेलने वाले बाकी सभी देशों में प्रत्येक खिलाड़ी अपनी बॉलिंग में विविधता लाना चाहता है और मुझे लगता है कि युवाओं को इसे सीखना चाहिए।'
दाएं हाथ के बैटिंग से दूर जाती रहस्यमयी बॉलिंग में सिर्फ हरभजन और मुथैया मुरलीधरन माहिर हैं। पाकिस्तान के ऑलराउंडर शोएब मलिक और साउथ अफ्रीका के जोहा बोथा भी फेंकते हैं। दिलचस्प बात है कि इन चारों का उनके करियर में कभी न कभी एक्शन संदिग्ध पाया गया।
पिछले महीने हुए स्पिन सम्मेलन की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट खिलाड़ी मैलेट ने कहा कि चकिंग के बिना नहीं फेंका जा सकता। वॉर्न और उनके गुरु टेरी जेनर के अलावा मैकगिल और मैलेट का मानना था कि ऑस्ट्रेलिया में किसी भी क्रिकेट अकैडमी में इसे नहीं सिखाया जाना चाहिए।
राहुल द्रविड़ के चैंपियंस ट्रॉफी की भारतीय वन डे टीम में वापसी के बारे में पूछे जाने पर हरभजन ने कहा कि इससे टीम का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा, 'सचिन तेंडुलकर, राहुल और अनिल कुंबले जैसे अनुभवी खिलाड़ी बड़े टूर्नामेंट में खेलते हैं तो वे अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं और अन्य खिलाड़ी भी उनके जैसा ही अच्छा प्रदर्शन करने को प्रेरित होते हैं।'
हरभजन ने कहा कि उन्होंने और कुंबले की जोड़ी काफी बढ़िया बन गई थी, अब अमित मिश्रा के रूप में उन्हें के अंदर कुंबले की कमी पूरी करने का माद्दा है, जो टेस्ट टीम में जगह पक्की करने के लिए बेहतरीन दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुंबले के बाद अमित मिश्रा के अंदर क्षमता है। पिछले कुछ मैचों में जिस तरह से मिश्रा ने प्रदर्शन किया, उससे लगता है कि वह लंबे समय तक भारत के लिए खेलेंगे।'

0 टिप्पणी:

एक टिप्पणी भेजें