नई दिल्ली ।। बेटे की जुदाई के गम में टूट चुके परिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ऑर्कुट ने जिंदगी की सबसे बड़ी
खुशी दी। अपने 12वीं के रिजल्ट से दुखी होकर घर छोड़ने वाले इस छात्र का सुराग पुलिस की स्पेशल सेल को इंटरनेट से लगा।
शकरपुर पुलिस कॉलोनी में रहने वाले स्पेशल सेल में तैनात सब-इंस्पेक्टर राधेश्याम का बेटा सिद्धांत (18) सफदरजंग एनक्लेव में दिल्ली पुलिस पब्लिक स्कूल में 12वीं क्लास में पढ़ता था। 22 मई की सुबह अपना रिजल्ट देखने वह लक्ष्मी नगर मार्किट के साइबर कैफे में गया। उसके 56 फीसदी मार्क्स आए थे। इसके बाद वह लापता हो गया। शकरपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई, लेकिन कोई अता-पता नहीं मिला। चूंकि सिद्धांत सेलफोन नहीं रखता था, उसे लोकेट नहीं किया जा सकता था।
इसी दौरान सिद्धांत के एक दोस्त ने उसकी ईमेल आईडी की उसकी फैमिली को दी। स्पेशल सेल ने छानबीन की तो पता चला कि गुमशुदगी के दिन ही सिद्धांत ने पलवल (फरीदाबाद) में साइबर कैफे पर अपना ईमेल अकाउंट चेक किया था। पुलिस उस साइबर कैफे में गई, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। दिन बीत रहे थे और उसके माता-पिता व दो बहनों की चिंता भी बढ़ रही थी।
इसी बीच उसी कॉलोनी के एक लड़के को अपने ऑर्कुट अकाउंट में सिद्धांत का नाम 'रिसेंट विजिटर' में नजर आ गया। एक बार फिर स्पेशल सेल हरकत में आ गया। सिद्धांत के ऑर्कुट अकाउंट पर उसके दोस्तों ने उसे घर वापस आने के लिए बहुत सारे मेसेज किए थे।
स्पेशल सेल के एसीपी एल. एन. राव की टीम ने गूगल से जानकारी ली तो पता चला कि सिद्धांत ने अपना ऑर्कुट अकाउंट अंबाला में 'चंड़ोक साइबर कैफे' में चेक किया था। पुलिस उस साइबर कैफे पर पहुंची। उसने कैफे के रजिस्टर में अपना नाम और पता फर्जी लिखा हुआ था, लेकिन वहां सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग में वह साफ नजर आ गया। साइबर कैफे के आसपास खोजबीन करने पर शनिवार शाम सिद्धांत मिल गया। उसे समझा-बुझा कर वापस ले आया गया।
ऐसे मदद करता है साइबर दोस्त
जब भी इंटरनेट पर हम लॉग-इन करते हैं तो हमारे कंप्यूटर को एक खास आईपी एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल के मुताबिक, इस आईपी एड्रेस से कंप्यूटर की लोकेशन, देश और शहर मालूम किया जा सकता है। इसके बाद इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (जैसे एमटीएनएल, एयरटेल, रिलायंस, वोडाफोन आदि) के जरिए पुलिस उस कंप्यूटर वाले घर, दफ्तर या साइबर कैफे का पता मालूम करती है। ऑर्कुट गूगल की साइट है। इस केस में गूगल ने कंप्यूटर का पता दिया है।
6 टिप्पणी:
achhi rachna.........
शुभकामनाएं....
बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
Very timely and relevent information shared.
My sincere welcome to you in blogs ki duniya.
Dr.bhoopendra
प्रोत्साहित करने के लिए धन्यवाद....
आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
लिखते रहिये
चिटठा जगत मे आप का स्वागत है
गार्गी
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