नई दिल्ली/इलाहाबाद रेलवे में पहली बार हो रही महिला कुलियों की भर्ती में शारीरिक परीक्षण पर विवाद छिड़ गया है। केंद्रीय महिला और बाल कल्याण मंत्रालय ने परीक्षण की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए महिला अभ्यर्थियों, खासकर गर्भवती महिलाओं को सिर पर भारी बोझ रखकर दौड़ाए जाने का विरोध जताया है। साथ ही, रेलवे अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश दत्त वाजपेयी ने शुक्रवार को बताया कि इलाहाबाद डिवीजन में गुरुवार को कुली की भर्ती के लिए 19 महिलाओं का शारीरिक परीक्षण किया गया था। इस दौरान उन्हें सिर पर 25 किलो वजन रखकर चार मिनट में 200 मीटर की दूरी तय करने को कहा गया था।
परीक्षण की इस पद्धति का विरोध करते हुए केंद्रीय महिला और बाल कल्याण मंत्री कृष्णा तीरथ ने संसद के बाहर बताया कि उन्होंने जोनल रेलवे अधिकारियों से परीक्षण की रिपोर्ट के साथ गर्भवती महिलाओं की भर्ती की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मांगी है।
उधर, परीक्षण में गर्भवती महिलाओं को भी शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर वाजपेयी ने बताया कि सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षण की अनुमति दी गई थी, जिन्हें चिकित्सकों की जांच में परीक्षण के योग्य पाया गया था।
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